Thursday, January 25, 2018

PATIALA BUS STOP

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{One Line :-आप पढ़ रहे हो PATIALA BUS STOP  यह रचना,कंडक्टर और दो बढ़ी औरतों के ईद — गिर्द घुम रही है।}




सुबह का समय है morning time .....मैं सडक पर road par आकर खडा हो गया और बस के आने का {इंतजार} wait करने लगा.



पास ही एक {औरत} aurat अपने {बच्चे को पीट} रही थी क्योंकि वो घर से पैसो को चूराकर भागा था 


कुछी समय after the some time के बाद बस वहां पर आ गई और मैं चढ गया,मेरे साथ ही दो {बूढी औरत} बस में चढ गई.उन्हेने भी {पटीयाला} patiala ही जाना था और हम ने भी इसी शहर आना था.



PATIALA


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मैंने टिक्ट नही ली,क्योंकि बस का {कंडक्टर} bus conductor मेरा दोस्त था।

बूढे औरत ने कंडक्टर को टिक्ट देते {पंजाबी में कहां} punjabi mein कहा।

भाई ....सानू नाले ते लो दी ।


कंडक्टर बोला।

ठीक आ बेबे

और यह कहते वो टिकटों को काटते आगे चला गया.

कुछी समय के बाद {पटियाल} pta आ गया और बस का आकर {नाले} पर रूक गई।



कंडक्टर उॅच्ची आवाज़ में 

चलों वी नाले वाली बूढीओ 




कंडक्टर की इस बात पर सभी हॅसने लगे,क्योंकि पंजाब में punjabi mein लडकीयां और औरतें {सलवार कमीज} पहिनती है,तो सलबार में भी नाला डाला जाता है। 


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