Akbar Birbal ki patakatha

अकबर के समय की बात है, एक दिन गांव में एक अफवाह फैल गई की यह आदमी मनहुश है ​जो भी इस आदमी का चेहरा देख लेता है उसका कोई काम नही बनता तो इसको लेकर उसको राजदरबार में भूलाया गया और उसको कैद खाना मेंं डाल दिया गया ।

Akbar Birbal ki  patakatha


            सुबह होती है, अकबर उसके पास आया उसको उठाया उसका चेहरा देखा और वहां से बाहर चला गया और  अकबर उस दिन काम काज में काफी ज्यादा वीअसत रहा जिस की बजा से वो खाना  नही खा पाया,और शाम को राजे को याद आया की मैने तो खान  नही खाया उसने सोचा की मैं इसी बजा से खाना खाना भूल गया क्योंकि सुबह मैंने उसका चेहरा देखा था राजा खुद से बोला की यह आदमी सच में मनहुश  है।

            सुबह राज दरबार में आदमी को पेश किया गया और राजे ने उसको मोैत की सजा सुना दी, उसी समय वहां पर बीरबल आता है, उसने राजे के आगे आपनी बात रखने की पेशकश की राजे ने बीरबल को आझा दे दी,तो बीरबल ने आदमी से पूछा की तुमने सबसे पहिले किस का मुंह देखा था.


           आदमी बोला,  मैने सबसे पहिले राजा का मुंह देखा था, हुजर अपने सुबह इस आदमी का चेहरा देखा तो जिस की बजा से आप खाना नही खा पाऐ , इस लिए यह आदमी मनहुश  है।

          लेकिन इस आदमी ने सुबह सबसे पहिले आप का चेहरा देखा,अब आप बताऐ की मनहुश  कौन हुआ, राजा सोचने लगा और उसने आदमी की मौत की सजा को माफ कर दिया।



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Thanks.
Sukhwinder 
India (Pb.)

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