What is Kharchi Puja and Why Celebrate in Tripura

ONE LINE :-   Kharchi  पुजा पर विशेष बातचीत 

 What is Kharachi Puja and Why Celebrate in Tripura

भारत में अलग -अलग तैयाहर मनाऐ जाते है,हर धर्म के लोग आप को भारत में देखने को मिलते है,इस लिए भारत को अलग - अलग धर्म और जातीयों और भाषा का देश कहा जाता है, भारत के बिना और कोई देश नही है यहां पर आपको अलग अलग धर्म और जातीयां भाषा के ​लोग मिले .


मित्रों बात करते है खारची पूजा की बहुत से मेरे भाई ऐसे होगे जिनको इस के बारे में पता नही होगा, लेकिन आप चिंता मत कीजिऐ हम इस पर विस्तार रूप से बात करने वाले है।

Kharchi Puja

भारत में त्रिपुरा State के बारे में आप ने सुना होगा और यह पुजा इसी State मेंं की जाती है। यहां के लोग इस पुजा को बडे धूमधाम तरीके से मनाते है,इस पुजा में 14 देवताओं की पुजा की जाती है और यह पुजा जुलाई के महिने में शरू होती है और अगस्त के महिने तक चली जाती है,खारची पुजा को त्रिपुरा वासी अपना सबसे ज्यादा लोकप्रिए तैयाहर मानते है, यह पुजा लगभग एक हफते तक चलती  है और इस पुजा में सामिल होने के लिए लोग हजारें की संखयां में त्रिपुरा आते है। 


Kharchi Puja का अर्थ क्या है।

खारर्ची पुजा का अ​र्थ है पुथ्वी और एक तरफ देखा जाऐ तो लोग एक हफता पुथ्वी माता की पुजा करते है।



Kharchi Puja कैसे होती है 

सबसे पहिले 14 देवताओं को साही इसनान करवाया जाता है,और बाद में अच्छे अच्छे बस्तर पहिनाई  जाते है,फूलों  की माला भेंट की जाती है और बाद में मंदिर में वापिसी होती है और फिर पुरे रीती - रीवाज के साथ 14 देवताओं की पुजा होती है,और इस में पशु बलीदान भी दिया जाता है, जिस में कबुतरों और बकरियों को सामिल किया जाता है। शांम को यहां पर अगल अलग तरहां के नाटक  पेश किऐ जाते है और लोग एक मन हो कर भगवान की पुजा करते है।



तो दोस्तों मुझे उम्मीद है, की आपको खारर्ची पुजा का अर्थ और यह क्यों मनाई जाती है इसके बारे में बता चल गया होगा । 




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